Dharmik Devotional Hindi Kahaniyan Shiv Puran Katha

Dharmik Devotional Hindi Kahaniyan Shiv Puran Katha पार्वती की युक्ति भगवान शिव और पार्वती की कहानी ! एक बार शिवजी और मां पार्वती भ्रमण पर निकले। उस काल में पृथ्वी पर घोर सूखा अकाल पड़ा था। चारों ओर हाहाकार मचा हुआ था पानी की एक बूंद न था। पीने को पानी तक जुटाने में लोगों को कड़ी मेहनत करना पड़ रही थी। ऐसे में शिव-पार्वती भ्रमण कर रहे थे। मां पार्वती से लोगों की दयनीय स्थिति देखी नहीं गई। वे उदास हो गई परंतु शिवजी से कुछ बोल नहीं सकी।

तभी शिव-पार्वती को एक किसान दिखाई दिया जो कड़ी धूप में सूखे खेत को जोत रहा था। पार्वती को यह देखकर अत्यंत आश्चर्य हुआ और उन्होंने शिवजी से पूछा- स्वामी इस सूखे के समय जहां पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है, वहीं ये बेचारा किसान इस धूप में व्यर्थ ही कड़ी मेहनत कर रहा है। तब शिवजी ने कहा कल्याणी वह खेत में हल इसलिए चला रहा है, Dharmik Devotional Hindi Kahaniyan Shiv Puran Katha

ताकि खेत जोतने की उसकी आदत ना छूट जाए। यह बात सुनकर पार्वती को ध्यान आया शिवजी के शंख बजाने से वर्षा होती है। यह सोच वे शिवजी से बोली स्वामी आपने भी बहुत दिनों से अपना शंख नहीं बजाया, कहीं आप शंख बजाना ना भूल जाए। यह सुनकर शिवजी ने शंख बजा दिया और पृथ्वी पर घनघोर बारिश हो गई जिससे भयंकर सूखा समाप्त हो गया।

Dharmik Devotional Hindi Kahaniyan Shiv Puran Katha


सबसे अधिक पढ़ी गई कहानियाँ आप  इन्हें भी पढ़े ……

अगर आपके पास किसी भी Category का कोई अपनी लिखी आर्टिकल हैं तो www.hindishare.in के साथ जरुर शेयर करे ! आपका योगदान हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं,  आप स्वंम भी Log In करके Article Post कर सकते हैं भेजने के लिए Send Article button पर click करे  धन्यवाद ! आपका आर्टिकल आपके नाम और फोटो के साथ पोस्ट किया जायेगा और आप इससे अछि खासी कमाई भी कर सकते हैं .

Leave a Reply