Srimad Bhagwad Gita Famous Hindi Quotes श्रीमद्भगवद्गीता के अनमोल वचन

Srimad Bhagwad Gita श्रीमद्भगव गीता के अनमोल वचन

  • बुद्धिमान व्यक्ति को समाज कल्याण के लिए बिना आसक्ति के काम करना चाहिए.
  • जो व्यक्ति आध्यात्मिक जागरूकता के शिखर तक पहुँच चुके हैं , उनका मार्ग है निःस्वार्थ कर्म . जो भगवान् के साथ संयोजित हो चुके हैं उनका मार्ग है स्थिरता और शांति.
  • मेरे लिए ना कोई घृणित है ना प्रिय .किन्तु जो व्यक्ति भक्ति के साथ मेरी पूजा करते हैं , वो मेरे साथ हैं और मैं भी उनके साथ हूँ .
  • जो इस लोक में अपने काम की सफलता की कामना रखते हैं वे देवताओं का पूजन करें
  • यद्द्यापी मैं इस तंत्र का रचयिता हूँ , लेकिन सभी को यह ज्ञात होना चाहिए कि मैं कुछ नहीं करता और मैं अनंत हूँ .
  • जब वे अपने कार्य में आनंद खोज लेते हैं तब वे पूर्णता प्राप्त करते हैं.
  • वह जो सभी इच्छाएं त्याग देता है और “मैं ” और “मेरा ” की लालसा और भावना से मुक्त हो जाता है उसे शांती प्राप्त होती है
  • मैं ऊष्मा देता हूँ , मैं वर्षा करता हूँ और रोकता भी हूँ , मैं अमरत्व भी हूँ और मृत्यु भी .
  • बुरे कर्म करने वाले , सबसे नीच व्यक्ति जो राक्षसी प्रवित्तियों से जुड़े हुए हैं , और जिनकी बुद्धि माया ने हर ली है वो मेरी पूजा या मुझे पाने का प्रयास नहीं करते
  • जो कोई भी जिस किसी भी देवता की पूजा विश्वास के साथ करने की इच्छा रखता है , मैं उसका विश्वास उसी देवता में दृढ कर देता हूँ .
  • ऐसा कुछ भी नहीं , चेतन या अचेतन , जो मेरे बिना अस्तित्व में रह सकता हो .
  • वह जो मृत्यु के समय मुझे स्मरण करते हुए अपना शरीर त्यागता है, वह मेरे धाम को प्राप्त होता है . इसमें कोई शंशय नहीं है .
  • वह जो इस ज्ञान में विश्वास नहीं रखते , मुझे प्राप्त किये बिना जन्म और मृत्यु के चक्र का अनुगमन करते हैं .
  • हे अर्जुन !, मैं भूत , वर्तमान और भविष्य के सभी प्राणियों को जानता हूँ , किन्तु वास्तविकता में कोई मुझे नहीं जानता .
  • स्वर्ग प्राप्त करने और वहां कई वर्षों तक वास करने के पश्चात एक असफल योगी का पुन: एक पवित्र और समृद्ध कुटुंब में जन्म होता है .
  • केवल मन ही किसी का मित्र और शत्रु होता है .
  • मैं सभी प्राणियों के ह्रदय में विद्यमान हूँ .

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